mahasagar ki geherai ki jankari ।महासागर की गहराई की जानकारी

नमस्कार दोस्तो,

महासागर की गहरई की जानकारी samudra ki geherai ki jankari  

mahasagar ki geherai ki jankari  महासागर कि गहराई की जानकारी। जैसा कि आप लोग जानते है कि हमारे धरती पर  3 पनी और 1 भाग जमीन है। हमारे पृथ्वी पर 5 महासागर जिनमें से प्रशांत महासागर सबसे बड़ा महा सागर है। आजतक सिर्फ 5 प्रतिशत ही मगर के बारे मै जन पाए है। महासागर इतना गहरा है तो मैंने इसके अंदर क्या है। आज हम प्रशांत महासागर की सबसे गहराई  जगह के बारे मै जानेंगे।
महासागर की गहरई की जानकारी samudra ki geherai ki jankari

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मारियाना ट्रेंच (Mariyana Trence)
मारियाना ट्रेंच आप ने ये नाम सुना ही होगा। अगर आप आज पहेलीबर सन रहे है तो आज हम इसी के बारे में बताएंगे।
मारियाना ट्रेंच दुनिया के सबसे गहरा खाई है ।ये मारियाना ट्रेंच प्रशांत महासागर मै स्थित है।  जगह देखने मै अर्धचन्द्राकार मै है। ये जगह प्रशांत महसगर के पश्चिमी भाग के मारियाना दीप के पास स्थित है।

 इस समुद्री खाई के आसपास वाल वातावरण अपने  अद्वितीय वातावरण के लिए जाना जाता है।इस खाई मै  विश्व के की सबसे गहरे मैने जाने बिंदु पाए गए है।

मारियाना ट्रेंच के  जानकारी के अनुसार सतह पर एक छिद्रों से हरवक्त कार्बन डाइऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड निकलते रहते  है। इसकी सतह के मिट्टी पर कोई सक्रिय ज्वालामुखी पाए गए है।

मारियाना ट्रेंच की अंदर का दबाव समुद्री सतह के दबाव के मुकाबले 1000 गुमा से भी ज्यादा है। इसके बाद भी यह पर ऑनेक प्रकार के  जीव जंतुओं रहते है। इंसानी शरीर की बात कि जाए तो इस दबाव मै इनिसनी शरीर फेट जाएगा।

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मारियाना ट्रेंच की सबसे गहरे जगह। कनाम है चैलेंजर डीप।ये जगह मारियाना ट्रेंच के दक्षिणी भाग मै स्थित है। ये दुनिया का सबसे गहरा स्तान है।
यही नहीं दुनिया का दूसरी स्तान भी यही पर ही है।

 Eifuku submarine ज्योलामुखी एक ऐसा ज्योलमुखी है जो चिमनी के समांतर कार्यरत है और तरल कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ता है। जब ये सक्रियो होता है तो इसका तापमान 103 डिग्री सेल्सियस के उपर हो जाता है।

यह और एक सक्रिय ज्वालामुखी है – Daikoku submarine ज्वालामुखी।जब बैज्ञानिको ने इस पर शोध किया तो पता चल पता है कि इस ज्योलामुखि मै समुद्र तल के 1345 फीट नीचे जमे हुए हुए अवस्था में सल्फर डाइऑक्साइड था।ऐसा पृथ्वी पर पहले कभी नहीं देखा गेया था।

चैलेंजर डीप, जो इस खाई के दक्षिणी भाग में स्थित है, दुनिया का सबसे गहरा स्थान है। इसकी गहराई इतनी है कि आजतक इसका असली माप नहीं निकला जा सका है। आधुनिक उपकरणों के आधार पर इसका माप 36,090 फिट लिया गया था।

दुनिया का दूसरा सबसे गहरा स्थान भी यहीं पर है। सिरेना डीप जो चैलेंजर डीप से लगभग 200 किमी दूर है, वह 35,462 फिट गहरा है।

मैरीयाना ट्रेंच – संरक्षित भूमि (Protector’s Land)

ट्रेंच 2542 किमी लम्बा है और 69 किमी चौरा है। यह Guam जगह में मैरियाना द्वीप के पास स्थित है जो संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा शासित है, अतः यह उसी देश के अंतर्गत आता है।

मैरियाना द्वीप एवं मैरियाना ट्रेंच के आसपास 506,000 स्क्वायर किलोमीटर का क्षेत्रफल संरक्षित समुद्री भाग (प्रोटेक्टेड मरीन रिज़र्व) है। इस भाग में पानी के नीचे पाए जाने वाले 21 सक्रिय ज्वालामुखी भी हैं।
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मैरियाना ट्रेंच का निर्माण कैसे हुआ (How was Mariana Trench formed in Hindi)


प्रशांत महासागर के subduction ज़ोन में महासागर के क्रस्ट के जब दो बड़े खंड जब टूट कर टकरा गए तब मैरियाना ट्रेंच का निर्माण हुआ।

खंड का एक टुकड़ा खिसक कर अलग हो गया एवं दूसरे खंड के नीचे चला गया। आगे जाकर यह पृथ्वी के mantle भाग के नीचे जम गया। यह प्रक्रिया लगभग 180 मिलियन साल पहले हुई थी।

मैरियाना ट्रेंच में पाए जाने वाले जीव- जंतु

इस जगह पर किये गए वैज्ञानिक अभियान के आधार पर यह पता चला है कि रुखा एवं कठोर वातावरण होने पर भी यहाँ विभिन्न प्राणियों का वास है।

सोने की तरीके के फायदे

समुद्र तल से 40 मीटर की गहराई को fullmilstone कहेते है।इसी गहराई तक स्विमर स्विमिंग करते है। आजतक का  स्विमर ने 214 मीटर मै जाकर रिकॉर्ड बनाई है।

सागर की 332 मीटर की गहराई तक स्कुवा डाइविंग की मानव निर्माण का आजतक का सबसे गहराई का रिकॉर्ड है।
हम अगर इसके नीचे 500 मीटर की गहराई मै जाए तो पाएंगे भ्लू व्हील को।ब्लू व्हेल कई ये मैक्सिमम डायमीटर है।और नीचे 535 मीटर तक पेंगुइन की डायमीटर है।इसके नीचे पेंगुइन डायव नहीं कर सकती है।

1000 मीटर की गहराई को महासागर की carry zone केहेटे है।क्यू के विहटक सूरज का रोशनी नहीं पहुंच पाती है। और इसके बाद से अन्धकार की सृष्टि सुरु होती है।ये जोन बहत ही रोमांचक और खतरनाक भी है।
इतनी गहराई मै कोई इंसान बिना किसी equivment के dive नहीं कर सकते।यह के water surface वेनस की  water surface के बराबर है।कोई भी इंसान पलभर मै मत जाएगा।

महासागर की गहरई की जानकारी हिंदी में

इसके नीचे की गहराई 1200 मीटर समुद्र के नीचे कछुए का डीपेस्ट है।इसके नीचे कछुए डाइविंग नहीं कर सकता।

इसके नीचे 2000 मीटर तक जाएंगे तो आप बहत ही अद्भुत तरह की जीव सृष्टि देख पाएंगे। जैसा कि black dragon fish इससे गेरेराई यानी कि 2200 मीटर की गहराई मै अपको spmvas लिखाई देंगे।
और ज्यादा deeo 4000 मीटर की गहराई नीचे  की बिस्तर को apple jol zone केहेते है।ये के प्रेशर बहत ज्यादा है लगभग 11000 पाउंड के बराबर होता है।

और ज्यादा नीचे यानी कि 4200 मीटर की गहराई को आमतौर पर दुनिया के महासागरों का एवरेज कहा जाता है ।पर यही नहीं दुनिया के कोई महासागर का लेवल इससे  भी ज्यादा है।

समुद्र तल से 6000 मीटर नीचे की बिस्तर को hedal zone कहा जाता है।यह के वॉटर प्रेशर  किसी इंसान उपर जोंबो प्लेन की बराबर होता है।

समुद्र की 8848 मीटर की गहराई समुद्र तट से ऊपर Mount Averest के चिती के बराबर है।

महासागर की और नीचे की गहराई के बिस्तर को 10616 मीटर तक का गहराई आजतक का इंसानों ने लगाया  डीपेस्त डाइविंग मनी जाती है।1960 में ये रिकॉर्ड बना था।ओस समय एडवांस और पावरफुल  सबमरीन के साथ इच गए थे ।वो लोग वहां पर 20 मिनट तक रुके थे। ऑनलोगो को ये सफर 5.30 घंटा लगा था इस गहराई तक तक जाने के लिए।

समुद्र की गहरई की जानकारी
इससे नीचे की गहराई 10972 मीटर की गहराई और किसी एयरलाइन और धरती के की को दूरी है इसकी समान गहराई है।
और इससे भी नीचे यानी 10994 मीटर की गहराई आजतक का इंसानों द्वारा नपी गई गहराई है।जिसे chelenger deep भी केहते है।

महासागर की गहरई की जानकारी
इस गहराई को प्रशांत महासागर में नपी गई है।जिस जगह पर नपी गई है ओस जगह का नाम है Mariana Trench ।   प्रशांत महासागर ये सबसे गहरा समद्र तट है।
पर माना जाता है कि समंदर इससे भी गहरा है पर आजतक वह जगह डोंड नहीं पाए है। इंसान आजतक सिर्फ सन्नंदर का 5 प्रतिशत ही खोज कर पाए है।95 प्रतिशत अभी भी बाकी है। हो सकता ह की भविष्य में इससे भी गहराई की लेवल मील सके।और ईओहाही सकता है  पर ऐसे जीव सृष्टि मिले जो एलियेन से कं नहीं हो।

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