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ब्लैकहोल हिंदी black hole hindi Rahasya

ब्लैकहोल हिंदी black hole hindi Rahasya

ब्लैकहोल हिंदी black hole hindi

ब्लैकहोल हिंदी black hole hindi Mystery

आप ने कभी ना कभी सुना होगा ब्लैकहोल के रहस्य बारे मै।आज हम इस ब्लैक होने के बारे मै बात करेंगे और जानेंगे आखिर ये ब्लैकहोल होता क्या है।
अगर आप ब्लैकहोल मै गिर जाएंगे तो क्या होगा? क्या आपकी मौत हो जो जाएगी या आप जिंदा रहेंगे।शायद आप सोच रहे होंगे कि आपकी मौत हो जाएगी। लेकिन इसी स्थिति में आपके साथ कोई अलग चीजे भी हो सकती है।
ब्लैक होल स्पेस मै वो जगह है जो विज्ञान का कोई नियम काम नहीं करते है। इसका गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र बहत ज्यादा शक्तिशाली है। ये इतना शक्तिशाली है कि इसकी खींचाव से कोई नहीं बच सकता।प्रकाश भी इस ब्लैकहोल में प्रवेश करने के बाद बाहर निकाल नहीं सकता। ब्लैकहोल के उपर पड़ने वाले प्रकाश को भी  अवशोषित कर लेता है।
आइंस्टाइन ने बता चका है कि किसी बी चीज का गुरुत्वाकर्षण स्पेस को इसके आसपास लपेट देता है और इसे कार्ब जैसा आकर बना देता है।

Blackhole जलकर राख हो जाएं, ये ज़रूरी नहीं

सोचो आप  किसी दूसरे  ग्रह पर जीवन के तलाश मै निकले है  या सोच लीजिए आप अंतरिक्ष यान से बाहर निकले और तभी आप बल्क होल की जपी मै आ गए।तो आपको ऐसा लगेगा कि आपको ब्लैकहोल कुचल देगा ।लेकिन ऐसा नहीं होगा ।हालाकि इसकी सच्चाई कुछ अलग हो सकती है।

आप अगर ब्लैकहोल के जपेट मै जते है तो आपके साथ दो चीजे हो सकती है एक आप तुरन्त ही जलकर रख हो जाएंगे या फिर दूसरी बात हो सकती है कि आप बिना किसी नुकसान से आप ब्लैक होल मै फज जाएंगे।

जब कोई विशाल आकर के तारा अपने अंत के और जाता है वह अपने ही भीतर सिमटने लगता है। धीरे धीरे वह  ब्लैक होल बन जाता है। और सब कुछ अपने मै समेटने लगते है।

स्टीफ़न हॉकिंग का इवेंट हॉराइज़न
इसके जी बाहरी हिस्से होते है इसे इवेंट हॉराइज़न कहते है। क्वांटम प्रभाव के चलते इससे गर्म कण टूट टूट कर ब्रह्माण्ड मै फैलने लगता है।

स्टीफन हॉकिंग की खोज के मुताबिक ये ब्लैकहोल हॉकिंग रेडिएशन के चलते एक दिन ये द्रव्यमान मुक्त होकर कहीं गायब हो जाता है।

जब आप ब्लिकहोले के अंदर पहुंच जाते है केंद्र तक वो असीम घुमावदार होता है।और वही आकर समय और स्पेस  दोनों का अपना वजूद को देता है और यह पर विज्ञान का कोई नियम नहीं काम करता है।
ब्लैक होल के अंदर पहुंच ने के बाद क्या होगा या क्या होता है ये कोई नहीं जानता। क्या कोई दूसरा यूनिवर्स आ गया याबकोई नेइ दुनिया मै आ गए ये आज तक कोई नहीं जानता। बिज्ञानिक भी ये बात पता नहीं लगा पाए।ये रहस्य अबतक बना हुआ है।

आपको दिखता है काल्पनिक कोई साथी
हमलोग फिल्मी लोग है तो मान लीजिए की आपकी इस सफर मै आपके साथ एक साथी है ।और आप ब्लैकहोल के अंदर जाते हुए अपको अकी साथी ने देख रहा है की आप ब्लैकहोल की अंदर जा रहे है ।अगर आप इवेंट हॉराइज़न की और जाते है तो आपके साथी को ऐसा लगेगा कि आपको मानो मैग्नीफाईंग ग्लास से देख रहा है।
आपके साथी को ऐसा लगेगा कि आप स्लो मोशन मै जा रहे है।जैसा कि फिल्मों में स्लो मोशन दिखती ठीक वैसा। आप इसे आवाज देकर भी नहीं बुला सकते क्यू के वहां पर हवा नहीं तो आपके आवाज़ आपके साथी तक नहीं पहुंच पाएंगे।
अब मान लीजिए की आपकी आवाज़ अपने साथी तक पहुंच भी गए तो आपकी आवाज़ उसको बहत डर से सुनाई देगी क्यू के ब्लैकहोल मै फ्रीक्वेंसी लगातार कम्हो जाती जाती है।


आप हरिजन तक पहुंच जाएंगे आपकी दोस्त को लगेगा कि आप फ्रिज हो गए। जैसे कि आपको किसने आपका पॉज बटन दबा दिए है और आप वहां ही रुक गए ।आप मै कोई गति नहीं होगी और आप हॉरिजन के भीषण गर्मी की चपेट मै आ चुके होंगे।
हॉकिंग रेडिएशन के चलते बल्कहोले के अन्धकार तक पहुंचने से पहले ही आप रख मै तकदिल हो जाएंगे।

पूरी उम्र ब्लैक होने मै
ब्लैकहोल में गिरने पर आप प्रकृति के रहस्य को खीजते हुए बिना किसी झटके के आप ब्लैक होने मै गिरते चले जाएंगे।ये फ्रे फैल जैसा होगा जिससे आइंस्टाइन ने  'हैप्पीएस्ट थॉट' कहा था।

इवेंट हॉराइज़न नाम की कोई चीज़ अगर होती भी है तो ये आपकी चिंता का विषय अभी नहीं है।

ये जरूर है कि अगर ब्लैकहोल जा आकर छोटा हुआ तो आपको दिक्कत हो सकती है।गुरुत्वाकर्षण का बल आपके सिर के बजाए दपकी पांव में ज्यादा मेहेसोस होगा होगा।लेकिन हम मान लेते है की ब्लैकहोल हमारे सूर्य से भी बड़ा है।
एक हकीकत ये भी है कि बड़े ब्लैकहोल मै आप अपना पूरा जीवन सामान्य रूप से बिता सकते है।पर कितना सामान्य होगा ये सोचने वाली बात है।
 के इसमें स्पेस और टाइम का कोई मतलब नहीं होगा। आपकी कोई भी इच्छा यह काम नहीं करेंगे यह तक की आप दूसरी और पलट भी नहीं सकते है।
 यानी ये तो साफ है कि ब्लैकहोल मै आप पलट नहीं सकते नहीं अप भाग सकते है।


ऐसे वक्त में आपके दिमाग में एक सवाल ज़रूर कौंधेगा कि ज़ेन के साथ क्या हुआ था, वह आपको इवेंट हॉराइज़न की सतह पर क्योंकि जलाने पर उतारू थी.

अंतरिक्ष में दूर की वस्तुओं में जुड़ाव
2012 में अहमद अल्मेहिरी, डोनाल्ड मारोल्क, जोए पोलचिंस्की और जेम्स सुले ने ब्लैकहोल को लेकर अब तक की हमारी राय को बदला।
इं चारो भेाैतीक विज्ञानिको के मुताबिक ये संभव की ब्लैकहोल इवेंट हॉराइज़न के अंदर जाते बिना अंदर की जानकारी मिल सके।
इसके लिए इं चारो ने क्वांटम मैकेनिक्स और आइंस्टाइन सिद्धांतो का सहारा लिया ।उनके मुताबिक अंतरिक्ष मै एक दूसरे की वस्तु को आपस में जुड़ाव हो सकता है।
हालाकि इस सिदांटो को कोई नतीजा नहीं निकला।यह अब भी विज्ञानिको के लिए सबसे विवादास्पद सवाल अब भी बना हुए है।

2013 में इन दोनों ने पाया कि अगर सबसे तेज कंप्यूटर से भी ये पता लगाने की कोशिश की गई तो इस जुड़ाव का पता लगाने में काफी वक्त लगेगा, इसको डिकोड करने में इतना वक्त भी लग सकता है, जब तक कि ब्लैक होल खुद ही पूरी तरह नष्ट हो जाएगा।

अगर आपके पास और बेहीतर जानकारी हो तो आप जरूर कॉमेंट कीजिए।

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